धनबाद: बीसीसीएल क्षेत्र संख्या 3 के खरखरी कोलियरी अंतर्गत हिल टॉप आउटसोर्सिंग कंपनी में रैयतों को मुआवजा और स्थानीय लोगों के नियोजन को लेकर मचा विवाद अब राजनीतिक गरमाहट में बदलता जा रहा है। दो सांसदों — धनबाद के ढुलू महतो और गिरिडीह के सीपी चौधरी — की दखल के बाद मामला बेहद संवेदनशील हो गया है। ग्रामीण दो गुटों में बंट चुके हैं और प्रशासन के लिए स्थिति संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
25 जून से हिल टॉप कंपनी के कार्यस्थल पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी के बाद बीसीसीएल प्रबंधन हरकत में आया। गोविंदपुर क्षेत्रीय महाप्रबंधक ने मामले को सुलझाने के लिए स्थानीय गेस्ट हाउस में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की, जिसमें सांसद ढुलू महतो, बाघमारा एसडीपीओ पुरुषोत्तम कुमार सिंह, क्षेत्रीय महाप्रबंधक सुधाकर कुमार और रैयत प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
वार्ता के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब किसी मुद्दे पर सांसद ढुलू महतो आपा खो बैठे और मौके पर ही आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारियों पर भड़क उठे। सांसद की तल्ख़ टिप्पणी और तीखा रवैया देख कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधि बैठक छोड़कर बाहर निकल गए।
मीडिया से बातचीत में सांसद ढुलू महतो ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कंपनी रैयतों का शोषण कर रही है और दबंगई पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि “गुंडों के बल पर किसानों की जमीन छीनने की कोशिश किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
इस पूरे घटनाक्रम के बाद गोविंदपुर महाप्रबंधक सुधाकर कुमार ने ऐलान किया कि जब तक अंचल कार्यालय द्वारा जमीन की कानूनी मापी और प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक आउटसोर्सिंग का सारा काम स्थगित रहेगा।
बाघमारा एसडीपीओ पुरुषोत्तम कुमार सिंह ने भी स्पष्ट किया कि मामला बेहद गंभीर है और प्रशासन पूरी निगरानी में स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बैठक में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी।





