Gujarat, बनासकांठा: गुजरात के बनासकांठा जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मृतकों में अधिकतर फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर बताए जा रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया।
विस्फोट से ढह गई फैक्ट्री, मलबे से निकाले जा रहे शव
जिला प्रशासन के अनुसार, धमाका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया। अब तक मलबे से 17 शव बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस अधीक्षक (SP) अक्षय राज मकवाना ने पुष्टि की कि अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दीसा ग्रामीण पुलिस थाने के निरीक्षक विजय चौधरी ने बताया कि आग लगने के बाद फैक्ट्री में कई धमाके हुए, जिससे इमारत के कुछ हिस्से पूरी तरह ढह गए।
दमकल विभाग और प्रशासन की टीम राहत-बचाव कार्य में जुटी हुई है। जिला कलेक्टर मिहिर पटेल के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन फैक्ट्री का स्लैब गिरने की वजह से मलबे में और मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। खोजी दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं ताकि अन्य फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

मध्य प्रदेश से आए थे मजदूर, मुख्यमंत्री ने जताया दुख
हादसे में मारे गए मजदूरों में अधिकांश मध्य प्रदेश के निवासी बताए जा रहे हैं। इस घटना पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में मध्य प्रदेश के श्रमिकों की असामयिक मृत्यु और घायलों की स्थिति अत्यंत हृदयविदारक है। हमारी सरकार मृतकों के परिवारों और घायलों की हर संभव सहायता करेगी।”
घटना की जांच जारी, FSL टीम मौके पर पहुंची
पुलिस ने इस हादसे की जांच शुरू कर दी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी।
पटाखा फैक्ट्रियों में हादसों का सिलसिला जारी
गौरतलब है कि भारत में पटाखा फैक्ट्रियों में हादसे कोई नई बात नहीं हैं। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी की वजह से भारी जान-माल का नुकसान हुआ है। प्रशासन और औद्योगिक इकाइयों के लिए यह एक चेतावनी है कि वे सुरक्षा उपायों को कड़ाई से लागू करें ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
बनासकांठा में हुए इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में लगा हुआ है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से सबक लेते हुए औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना बेहद जरूरी है। पुलिस और प्रशासन द्वारा इस मामले की विस्तृत जांच जारी है।





