संवाददाता, धनबाद: धनबाद नगर निगम चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पार्टी ने पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत तीन भाजपा नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा की ओर से भेजा गया है।

नोटिस पाने वालों में पूर्व विधायक संजीव सिंह के अलावा भाजपा कार्यकर्ता मुकेश पांडे और भृगुनाथ भगत शामिल हैं। पत्र में कहा गया है कि पार्टी के संज्ञान में आया है कि संबंधित नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं, जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। सभी से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

सूत्रों के अनुसार नोटिस 12 फरवरी को जारी किया गया है, यानी 23 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले जवाब देना अनिवार्य होगा। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व इस मामले में गंभीर है और समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई हो सकती है।

गौरतलब है कि धनबाद नगर निगम क्षेत्र से मेयर पद के लिए संजीव सिंह, मुकेश पांडे और भृगुनाथ भगत चुनावी मैदान में हैं, जबकि भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव कुमार अग्रवाल को पार्टी समर्थित प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बावजूद तीनों नेताओं ने नाम वापस लेने से इनकार करते हुए चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
संजीव सिंह झरिया से पूर्व विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में उनकी पत्नी रागिनी सिंह झरिया से भाजपा विधायक हैं। वहीं, मेयर पद की दौड़ में भाजपा पृष्ठभूमि से जुड़े कुछ अन्य प्रत्याशी भी मैदान में हैं—कुछ ने पार्टी से त्यागपत्र देकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है, जबकि पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने भाजपा छोड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।
इस घटनाक्रम से साफ है कि धनबाद नगर निगम चुनाव में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और पार्टी अनुशासन चुनावी चर्चा के केंद्र में आ गया है।





