संवाददाता धनबाद: अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों से जुड़े अहम मामलों की समीक्षा के लिए धनबाद पहुंची राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने बीसीसीएल के सीएमडी समीरन दत्ता की गैरहाज़िरी को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई है। आयोग ने सीएमडी को शो-कॉज नोटिस (कारण बताओ नोटिस) जारी करने का निर्णय लिया है। साथ ही कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया के सचिव व चेयरमैन को इस संदर्भ में प्रतिलिपि भेजने की बात भी कही गई है।
आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने बताया कि बीसीसीएल को इस अहम समीक्षा बैठक की जानकारी पहले ही पत्र के माध्यम से दी गई थी। बावजूद इसके, सीएमडी बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित रहे, जिसे आयोग ने गंभीर लापरवाही करार दिया है। यह बैठक बीसीसीएल में कार्यरत अनुसूचित जाति व जनजाति कर्मचारियों की समस्याओं और उनके अधिकारों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि सीएमडी समीरन दत्ता को अब यह जवाब देना होगा कि उन्होंने आयोग की बैठक को क्यों नजरअंदाज किया। आयोग का कहना है कि एससी/एसटी कर्मचारियों की शिकायतों और अधिकारों को लेकर जब शीर्ष स्तर की बैठक आयोजित की जाती है, तो उसमें संबंधित उच्चाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। ऐसी बैठकों में अनुपस्थित रहना संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना माना जाएगा।
आयोग के अनुसार, जारी किए जाने वाले नोटिस में सीएमडी से पूछा जाएगा कि वे बैठक में क्यों नहीं पहुंचे और इसका जवाब जल्द से जल्द आयोग को सौंपें। आशा लकड़ा ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन अत्यंत गंभीरता से किया जाना चाहिए।





