दुनिया के प्रमुख नेताओं ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक नई संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 2050 तक नेट-जीरो लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु
इस ऐतिहासिक समझौते में 150 से अधिक देशों ने भाग लिया। सभी देशों ने 2030 तक अपने कार्बन उत्सर्जन को 50% कम करने का वादा किया है।
भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य का वादा है। उन्होंने कहा, "हम सभी मिलकर एक हरित और स्वस्थ धरती बना सकते हैं।"
आर्थिक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से हरित ऊर्जा क्षेत्र में $10 ट्रिलियन का निवेश आएगा। सौर और पवन ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में आज रिकॉर्ड उछाल देखा गया।
अमेरिका और चीन ने भी पहली बार एक साझा जलवायु एजेंडे पर सहमति जताई है, जो इस समझौते को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
अगले कदम
अगले महीने संयुक्त राष्ट्र में इस समझौते की समीक्षा की जाएगी। सभी देशों को अपनी कार्य योजना प्रस्तुत करनी होगी।