पटना, विशेष संवाददाता: बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर चिकित्सकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इससे खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में इलाज की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है।
शनिवार को राजधानी पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1224 नवनियुक्त विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है और मानव संसाधन की कमी को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है।
कहां होगी डॉक्टरों की तैनाती
नियुक्त किए गए चिकित्सकों की पदस्थापना राज्य के स्वास्थ्य उपकेंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में आवश्यकता के अनुसार की जाएगी। इससे उन अस्पतालों को राहत मिलेगी, जहां एक डॉक्टर पर अत्यधिक मरीजों का दबाव बना रहता था।
रेफरल सिस्टम पर पड़ेगा असर
अब तक डॉक्टरों की कमी के कारण सामान्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्य तंत्र पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता था। नई बहालियों के बाद स्थानीय स्तर पर इलाज संभव हो सकेगा और रेफरल की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
आगे भी जारी रहेगी बहाली
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह प्रक्रिया यहीं नहीं रुकेगी। राज्य में कुल 5191 चिकित्सकों की नियुक्ति की योजना है, जिसमें शेष रिक्त पदों पर भी जल्द बहाली की जाएगी। विभाग का कहना है कि डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से मरीजों को अधिक समय और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
बिहार में आबादी के अनुपात में डॉक्टरों की संख्या लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। हालांकि बीते वर्षों में सरकारी अस्पतालों में संसाधन बढ़े हैं और लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है, लेकिन चिकित्सकों की कमी एक बड़ी बाधा थी। नई नियुक्तियों से विशेष रूप से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त चिकित्सकों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं ही राज्य के विकास की मजबूत नींव होती हैं।





