न्यूज़ कैफे संवाददाता, धनबाद: धनबाद नगर निगम चुनाव को लेकर मेयर पद की तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है। इस बार मेयर पद के लिए राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के साथ-साथ कई निर्दलीय चेहरे भी मैदान में हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और रोचक भी हो गया है।
राजनीतिक दलों के उम्मीदवार
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से संजीव अग्रवाल मेयर पद के उम्मीदवार हैं। वे लंबे समय से सामाजिक और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और शहरी विकास से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
- झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) समर्थित उम्मीदवार के रूप में डॉ. नीलम मिश्रा मैदान में हैं। वे शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी रही हैं और महिला सशक्तिकरण व नागरिक सुविधाओं को प्रमुख मुद्दा बना रही हैं।
- कांग्रेस पार्टी की ओर से शमशेर आलम मेयर पद के उम्मीदवार हैं। वे संगठनात्मक अनुभव के साथ स्थानीय राजनीति में सक्रिय माने जाते हैं और बुनियादी सुविधाओं को चुनावी एजेंडा बता रहे हैं।
निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में
इस चुनाव में कई निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
पूर्व में नगर निगम से जुड़े अनुभव रखने वाले चंद्रशेखर अग्रवाल निर्दलीय रूप से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वे पहले भी नगर निगम प्रशासन से जुड़े रह चुके हैं और अनुभव के आधार पर जनता से समर्थन मांग रहे हैं।
इसके अलावा इंदु देवी, प्रकाश कुमार, रवि बुंदेला सहित अन्य निर्दलीय उम्मीदवार भी मेयर पद के लिए मैदान में हैं। इनमें से कई सामाजिक कार्य, व्यापार और स्थानीय जनसमस्याओं से लंबे समय से जुड़े रहे हैं।
विकास और नागरिक सुविधाएं बने मुख्य मुद्देमेयर पद के सभी उम्मीदवार विकास, स्वच्छता, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट और नगर निगम की पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान व्यक्तिगत आरोपों की बजाय मुद्दों पर आधारित राजनीति देखने को मिल रही है, जिसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
क्या कहता है चुनावी माहौलराजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार किसी एक दल का एकतरफा दबदबा नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में मतदाताओं का फैसला, स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवारों की व्यक्तिगत पकड़ निर्णायक भूमिका निभा सकती है।





