AK56 Viral Video बिजनौर/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिसमें खाकी वर्दी में तैनात एक सिपाही नशे में झूमता हुआ दिखाई दे रहा है। चप्पल पहने, लड़खड़ाते कदमों और हाथ में AK–56 जैसे घातक हथियार के साथ ड्यूटी पर तैनात इस सिपाही का वीडियो अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह वीडियो बिजनौर जिले का बताया जा रहा है, जहां कानून का रखवाला खुद कानून की गरिमा को ठेस पहुंचाता दिखा। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने जब इस दृश्य को देखा, तो उन्होंने इसे रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो के तेजी से वायरल होते ही एसएसपी ने संज्ञान लिया और संबंधित सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
क्या यह सिस्टम की लापरवाही है या जिम्मेदारी का मजाक?
जांच में सामने आया है कि नशे की हालत में सिपाही न केवल अपनी ड्यूटी पर था, बल्कि AK-56 जैसे संवेदनशील हथियार से लैस भी था, जो किसी भी स्थिति में खतरे की घंटी बन सकता था। सवाल यह उठता है कि ऐसे हालात में उसे ड्यूटी पर कैसे तैनात किया गया? क्या सुपरविजन पूरी तरह नदारद है, या यह एक बड़ी लापरवाही की मिसाल है?
SSP ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
एसएसपी ने मीडिया को दिए बयान में स्पष्ट किया कि ऐसी हरकतें पुलिस बल की छवि को धूमिल करती हैं और इसमें कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। फिलहाल सिपाही को निलंबित कर दिया गया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की बात भी कही गई है।
पुलिस की साख पर सवाल, जनता में नाराजगी
इस घटना ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम जनता के बीच असुरक्षा की भावना भी पैदा की है। जहां एक ओर पुलिस को सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है, वहीं नशे में डगमगाता सिपाही जनता के विश्वास को कमजोर करता है।
पूर्व डीजीपी स्तर के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं अनुशासन और प्रशिक्षण की कमी को उजागर करती हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में सुधार की जरूरत है।
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