संवाददाता, धनबाद: कोलफील्ड की मिट्टी शुक्रवार को ‘गुजरातियत’ की सौंधी खुशबू से महक उठी, जब केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया का गुजराती समाज ने पारंपरिक अंदाज़ में स्वागत किया। स्वामीनारायण मंदिर प्रांगण में आयोजित समारोह में न केवल केंद्रीय मंत्री का अभिनंदन हुआ, बल्कि एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगम की मिसाल भी पेश की गई।
बोकारो से धनबाद पहुंचे मंत्री मंडाविया को जैसे ही स्वामीनारायण मंदिर परिसर में सम्मानित किया गया, उनके चेहरे पर भावनाओं की लहर साफ़ झलक रही थी। उन्होंने मंच से संबोधित करते हुए कहा – “धनबाद की धरती पर कदम रखते ही ऐसा लगा जैसे अपने गांव पहुंच गया हूं। गुजराती समाज ने न सिर्फ़ अपनी संस्कृति को बचाकर रखा है, बल्कि नई पीढ़ी को भी मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।

“समारोह में झरिया विधायक रागिनी सिंह, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, सहायक श्रम आयुक्त प्रवीण कुमार समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। वहीं धनबाद आगमन पर भाजपा विधायक राज सिन्हा के नेतृत्व में विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
गुजराती समाज के प्रतिनिधियों ने मंत्री मंडाविया को पारंपरिक वस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान मंदिर प्रांगण में लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को और भावुक बना दिया।
कार्यक्रम के बाद मंत्री मंडाविया डीजीएमएस मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने खनन क्षेत्र में सुरक्षा और श्रमिक हितों को लेकर अधिकारियों से अहम चर्चा की।
इस आयोजन ने न सिर्फ़ समाज के भीतर एकता का संदेश दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे प्रवासी समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रहकर भी दूसरे राज्यों में आदर्श नागरिक के रूप में उदाहरण पेश कर सकता है।





