Chhattisgarh, रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार को CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) की टीम ने रायपुर और भिलाई स्थित उनके आवास पर छापेमारी की। इसके साथ ही, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बघेल के करीबी सहयोगी के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। हालांकि, CBI ने अभी तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि यह महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले से जुड़ा हो सकता है।
CBI रेड पर भूपेश बघेल का पलटवार
CBI की छापेमारी के तुरंत बाद भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,
“अब CBI आ गई है। आज अहमदाबाद में होने वाली AICC बैठक के लिए मुझे दिल्ली जाना था, लेकिन इससे पहले ही CBI रायपुर और भिलाई स्थित मेरे आवास पर पहुंच गई।”
राजनीति से प्रेरित कार्रवाई? कांग्रेस का आरोप
CBI की इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” करार देते हुए कहा,”पहले भाजपा ने ईडी (ED) को भेजा, अब CBI को भेज दिया। यह सब पूर्व मुख्यमंत्री को परेशान करने और उनके राजनीतिक कार्यक्रम में बाधा डालने के लिए किया जा रहा है। भाजपा अब राजनीतिक मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।”
महादेव ऐप घोटाला क्या है?
महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी ऐप को लेकर देशभर में जांच चल रही है। इस ऐप के जरिए अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाई जाती थी, जिसमें हजारों करोड़ रुपये का हेरफेर होने की बात सामने आई है। इस घोटाले में कई बड़े नामों के शामिल होने का आरोप है। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी भूपेश बघेल से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
भूपेश बघेल पर ईडी का शिकंजा भी कस चुका है
कुछ समय पहले ईडी ने शराब घोटाले को लेकर भी बघेल के आवास पर छापेमारी की थी। मार्च 2025 में उनके बेटे के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में भी जांच की गई थी। ईडी का दावा है कि 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले के चलते सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और इससे जुड़े लोगों ने करीब 2,100 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की।
CBI छापेमारी के पीछे का असली कारण?
हालांकि, CBI ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह छापेमारी किस जांच के तहत की गई है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह महादेव ऐप घोटाले और शराब घोटाले से जुड़ी हो सकती है। इस छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस लगातार इसे राजनीतिक साजिश बता रही है।
भविष्य की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?
CBI और ED की लगातार कार्रवाई के बाद भूपेश बघेल की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो सकती है या वे इसे भाजपा के खिलाफ हथियार बनाकर खुद को “राजनीतिक पीड़ित” के रूप में पेश कर सकते हैं। फिलहाल, इस मुद्दे पर राज्य में जबरदस्त सियासी हलचल देखने को मिल रही है।
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