न्यूज़ कैफे: भारतीय सेना में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA) देहरादून में पहली बार महिला अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के 2021 के आदेश के बाद लागू किया गया है, जिसमें महिलाओं को नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
NDA से पासआउट महिला कैडेट्स को IMA में ट्रेनिंग
जुलाई 2025 में NDA खड़गवासला से महिला कैडेट्स का पहला बैच ग्रेजुएट होगा। इनमें से 8 महिला कैडेट्स ने थल सेना को चुना है, जिन्हें IMA में एक साल की कठोर सैन्य ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद वे भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल हो जाएंगी।महिला अधिकारियों के लिए विशेष तैयारी
IMA अधिकारियों ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) चेन्नई, एयरफोर्स अकादमी डुंडीगल और नेवल अकादमी का दौरा किया, ताकि महिलाओं के लिए उपयुक्त ट्रेनिंग सुविधाओं का आकलन किया जा सके। IMA में महिलाओं के लिए अलग आवासीय सुविधा तैयार की जाएगी, लेकिन ट्रेनिंग पुरुष कैडेट्स के साथ ही होगी।
महिला अधिकारियों के लिए सेना में नए अवसर
भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। पहले महिलाओं को शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सीमित शाखाओं में अवसर मिलते थे, लेकिन अब उन्हें कमांड रोल भी मिल रहे हैं। हाल ही में 145 महिलाओं को कर्नल रैंक दी गई है, जिनमें से 115 अधिकारी यूनिट की कमान संभाल रही हैं।
NDA प्रवेश प्रक्रिया और महिला कैडेट्स की बढ़ती संख्या
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) हर साल NDA परीक्षा आयोजित करता है। 12वीं पास छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं। चयन प्रक्रिया में 6 दिन का SSB इंटरव्यू, मेडिकल टेस्ट और मेरिट लिस्ट शामिल होती है। वर्तमान में NDA में 126 महिला कैडेट्स प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
सेना में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा
IMA में महिला कैडेट्स की ट्रेनिंग भारतीय सेना में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बदलाव न केवल महिलाओं को अधिक अवसर प्रदान करेगा, बल्कि भारतीय सेना को भी और मजबूत बनाएगा।
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